हर सुबह आशा की किरण संग,
भविष्य की पथरीली डगर पर संघर्ष का संग्राम है।
ढलता सूरज शाम को,
कुछ कहता है धीरे से,
"हर अंधेरा, उजाले का संदेशा लाता है।"
आशा के दीप जलाए रखना,
अंधकार में भी, जब सब कुछ निराशा में ढहता नज़र आए।
क्योंकि आशा ही वह शक्ति है,
जो भविष्य के सपनों को आकार दे,
और हर असंभव को, संभव कर जाए।