सपनों के आकाश में,
चमकती एक किरण सी
आशा अपने हाथों में
लेकर चलती मुस्कान
कल की राह पर कदम बढ़ाते
भविष्य के द्वार खुलते
हर चुनौती को चीरकर
नए संकल्प जगाते
कभी झुकती, कभी उठती
पर हार नहीं मानती
आशा का दीपक जलता
अंधेरे को चीरता
सपनों के आकाश में,
चमकती एक किरण सी
आशा अपने हाथों में
लेकर चलती मुस्कान
कल की राह पर कदम बढ़ाते
भविष्य के द्वार खुलते
हर चुनौती को चीरकर
नए संकल्प जगाते
कभी झुकती, कभी उठती
पर हार नहीं मानती
आशा का दीपक जलता
अंधेरे को चीरता