चाहतों के अंधेरे में
जलती एक मशाल सी
आशा अपने हाथ में लिए
चलती एक अनोखी डाली सी
सपनों के पंख लगाकर
उड़ान भरती निरंतर
मुस्कुराते हुए निडर
भविष्य को छूती हर पल
कठिन राहों पर भी
डगमगाती फिर भी थमती नहीं
आत्मविश्वास के बल पर
अपने लक्ष्य को पाती रहती
चाहतों के अंधेरे में
जलती एक मशाल सी
आशा अपने हाथ में लिए
चलती एक अनोखी डाली सी
सपनों के पंख लगाकर
उड़ान भरती निरंतर
मुस्कुराते हुए निडर
भविष्य को छूती हर पल
कठिन राहों पर भी
डगमगाती फिर भी थमती नहीं
आत्मविश्वास के बल पर
अपने लक्ष्य को पाती रहती