आशा की लौ, निरंतर जलती रहे,
अंधेरी रातों में भी, चमकती रहे।
हर मोड़ पर, यह रोशनी फैलाए,
भविष्य की राहें, स्वप्न से सजाए।
कभी मद्धम, कभी तेज़, पर ना बुझे,
हर कठिनाई में, एक नई उम्मीद जुड़े।
आज के संघर्ष, कल के सपनों की ओर ले जाएं,
आशा की इस लौ को, हम और अधिक जलाएं।
भविष्य अनिश्चित, पर आशा से भरा,
हर कदम पर, नई शुरूआत का इशारा।
जीवन की इस यात्रा में, आशा ही है दीपक,
जलता रहे, चमकता रहे, हमें और हमारे भविष्य को रूपक।