आशा की रोशनी में, भविष्य सजाता हूँ,
सपनों की उड़ान में, मैं खुद को पाता हूँ।
अंधेरे को चुनौती दे, हर क्षण आगे बढ़ता,
कल की सुनहरी सुबह का, मैं निर्माण करता।
जब भी लगे खुद को अकेला, याद रखना,
आशा की छोटी सी किरण, सब कुछ बदल सकती है।
उस किरण में छिपा है, जीवन का सारा संगीत,
और उस मेलोडी में, हमें अपना भविष्य गीत सुनाई देता है।
क्योंकि आशा ही है, जो अंधेरे से लड़ती,
और भविष्य को नए रंगों से सजाती।
तो चलो, उस आशा के संग, एक सुनहरे भविष्य की ओर,
हर कदम पे, नई शुरुआत के गीत गाते हुए।