S shivamt hi 23 जुलाई 2025 आशियाना मैंने उन सबको ;उन्हीं की राहों पे छोड़ दिया,जो हमको ;औऱ हम जिन्हें बुरा बताते थे। हम अपने आशियाने से ;कुछ यूं भी चले आये, वो उनका भी था ;जिसपे हम अपना हक़ जताते थे।।©shivamt