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आवाज़ नहीं है

क्या कहुँ! ख्यालों के प्यालों में अल्फ़ाज़ों की कमी है,
है बहुत कुछ जो कहना है, तुम्हे सुना सकूँ इतनी आवाज़ नहीं है।
©a_friend