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अभिनन्दन

न दीपों की उजालों से , न तारों के बरातों से ,
न शब्दों के मशालों से, आप तमाम कवियों को-
कोटि-कोटि अभिनन्दन है एक छोटि-सी कविता से !!1!!
---- धन्यवाद कविगण !!
संदीप कुमार "संजन" (बिहार)
©sanjan