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अहसास हो जाता है।

रफ्ता रफ्ता अहसास हो जाता है।
आईने में जब चांद का अक्श जब आता है।
कोई खार पर चिल्लाहता है।
तो कोई किसी की मौत का जश्न मनाता है।
©atulsharma