A atulsharma hi 23 जुलाई 2025 अहसास हो जाता है। रफ्ता रफ्ता अहसास हो जाता है।आईने में जब चांद का अक्श जब आता है।कोई खार पर चिल्लाहता है।तो कोई किसी की मौत का जश्न मनाता है।©atulsharma