ऐसे लोग आसानी से मिल जाते हैं
जो मरने के लिए तैयार हैं, लेकिन
ऐसे बहुत कम मिलते हैं जो
धैर्यपूर्वक पीड़ा सह सकें.
बार बार कष्ट सह लेना बेहतर है, बजाय
डर और चिंता में जीने आशा को खत्म करना।।ऐसे लोग आसानी से मिल जाते हैं
जो मरने के लिए तैयार हैं, लेकिन
ऐसे बहुत कम मिलते हैं जो
धैर्यपूर्वक पीड़ा सह सकें.
बार बार कष्ट सह लेना बेहतर है, बजाय
डर और चिंता में जीने आशा को खत्म करना।।