G gulu_singh hi 23 जुलाई 2025 अजनबी बदले बदले से लगते हो तुम......बदले बदले से लगते होतुमजब से गेरों कि गली जाने लगे होहम इतने भी क्या अजनबी हो गये जो हमें देखकर अनजान राहों से घर आने लगे हो .......©gulu_singh