अकेलापान की गहराई

एक सन्नाटा जो बातें करता,
खामोशी में भी गीत सुनाता।
अकेलापन, जो बन जाता है साथी,
उसके संग लिखे जाते हैं, जज़्बातों की कहानी।

वह नहीं जो दिखता है, वह जो अनुभव होता है।
हर दिल की गहराई में, अकेला वो शख्स रोता है।
मगर यही अकेलापन, कभी कभी,
खुद से मिलने का ज़रिया होता है।