J

अकेलापन और चुप्पी

अकेलापन और चुप्पी
एक अकेला चला बताने जीवन जीना
चला सिखाने विष को जिसने ग्रहण किया
अमृत सब में है बाट दिया योग की विद्या जिसने दी
चुप्पी मुंह पर धारण की सास की शिक्षा जिसने दी
अजर अमर की बातें की उसके चरणों में जगह मैं
पाऊं जीवन अपना मैं सफल बनाउ
अंतिम मेरी इच्छा नाम मैं उनका ही गाउ शिव शिव
करता मैं इस दुनिया से जाऊं।
#PoeAwards#Poemia