अनछुई प्रकृति

पेड़ों की हरी भरी डालियाँ,
पंछियों की मधुर किलकारियाँ।
नदियों का बहता जल,
सुंदरता से भरी प्रकृति की एक हलचल।

फूलों की खुशबू बिखेरती,
भौरों की गुनगुनाहट में महकती।
आकाश की विस्तृत नीलिमा में,
सूरज की किरणों का खेल देखती।

पहाड़ों की ऊँचाई से,
झरनों का संगीत सुनाई देता है।
हवाओं में छिपी है फुसफुसाहट,
प्रकृति की आवाज़ सुन, मन रोमांचित होता है।

चाँद की चांदनी में नहाया जंगल,
तारों की रोशनी में सजा आकाश।
प्रकृति की सुंदरता बिना कहे समझाती,
जीवन है इसका अनमोल उपहार।