अनकहा एहसास
कुछ बातें हैं जो लफ्जों में नहीं ढलती,
कुछ एहसास है जो खामोशी में पलती।
दिल हर दिन कुछ कहना चाहता है,
पर जुब अक्सर चुप ही रहती है।
आंखों में सपने दिल में अरमान,
फिर भी लगता है सब कुछ अनजान।
कभी मुस्कान में छुपा होता है दर्द ,
तो खामोशी बन जाती है आवाज ।
हर पल कुछ नया सीखा जाता है ,
हर दर्द हमें मजबूत बनाता है ।
जो समझ जाए इन खामोशियां को ,
वही दिल के सबसे करीब आ जाता है।
यह जो एहसास है बड़े ही प्यारे हैं,
कहने में छोटे ,मगर सबसे न्यारे हैं।
शब्दों मे कह दूं इतना ही बस,
यही जिंदगी है ...और यही उसका रस।
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