S

Ansuon Ka Samandar

यादों में कुछ अनचाहे से मंजर रह गए ,
दिल में अपनों के दिए खंजर रह गए ,
लुट गए हम उनकी ख्वाहिशों को पूरा करते - करते ,
फिर भी आंखों में सिर्फ आँसूओं के समन्दर रह गए..... ।
©shuklag