यादों के पन्नों में
धुंधला सा एक चेहरा
जैसे कागज़ पर
बिखरी हुई स्याही
अतीत की डगर पर
चलते हुए कदम
मुस्कुराहटें, आंसू
सब हैं अब स्वप्न सम
यादों के पन्नों में
धुंधला सा एक चेहरा
जैसे कागज़ पर
बिखरी हुई स्याही
अतीत की डगर पर
चलते हुए कदम
मुस्कुराहटें, आंसू
सब हैं अब स्वप्न सम