अतीत के पन्नों पर

अतीत के पन्नों में, यादों का जमघट,
हर स्मृति चित्रित, जैसे कोई कला अप्रतिम।
बीते हुए कल की वो मीठी बातें,
सजीव हो उठतीं जैसे फिर से, क्षण वही, वक़्त यतीम।

कुछ खोया, कुछ पाया, यादें बुनती जैसे कहानी,
उन पुरानी गलियों में खो जाने की लालसा अनजानी।
फिर भी, हर याद में एक सुंदर अहसास,
कि बीता हुआ हर पल, था जीवन का एक खास राज़।

शायद, ये अतीत ही तो हमें बुनता है,
सपनों के वस्त्र में, वर्तमान को गुनगुनाता है।
यादों का यह कारवाँ, सिखाता है हमें,
जीना है आज में, पर ना भूलना कल की वो शहनाइयें।