अतीत की गलियों में

अतीत की गलियों में, बीते जहां से गुजरे हम,
यादों के जूते पहन, चले फिर से कुछ कदम।

वहाँ आंसू भी मिले, हंसी का संगम भी,
खुशियों की छाया में, दुःख की धूप भी।

कुछ पल जो खो गए, कुछ जो दिल में बसे,
मीठी यादों की डाली पे, जीवन के पल झूले।

तस्वीरें अतीत की, आज भी आँखों में धुंधली,
जब जब देखें उन्हें, दिल में उठती 'हाँ' एक उलझन।

यादें हैं अतीत की शिक्षक, जीवन का पाठ पढ़ाये,
सीख ले हम इनसे, आगे बढ़ने का हौसला बढ़ाये।