बादल की फुसफुसाहट

बादल गरजे, बूंदें गिरें
धरती पर नाचती हरियाली
कोमल पत्तों पर थम-थम कर
छलकती एक नई कहानी

मेरी खिड़की पर टप-टप की धुन
बरसात की मधुर संगीत
भीगी हुई सड़कें, गीले कोने
एक अनकही सी प्रीत

चाय की चुस्की, किताब में डूबी
बारिश के गीले पन में
कुछ यादें, कुछ सपने बहते
जीवन के हर एक पल में