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बारिश

बारिश भी रोज होती है,,
आंसू भी रोज बरसते है,,
बादल रोज भटकते है,,
हम भी रोज भटकते हैं,,
ना रेगिस्तान को राहत मिलती है,,
ना हमारे दिल को सुकून आता है,,
बाढ में राते बिना नीद के काटती,,
और हमारी राते बिना सपना के।।।
©anurag1