आसमान में छाया, घनघोर स्याही का रंग,
बूंदों का नृत्य, पृथ्वी पे एक संग।
कागज की नावें, बच्चों का खेल,
हर गली, हर मोड़ पर, नया सा मेल।
पत्तों पर रुकी, बूंदों की बारीक सीली,
हवा में घुली मिट्टी की महक, भीनी-भीनी।
आंधियाँ आएं, बिजली भी चमके,
बारिश की धुन पर, दिल खोलकर हम नाचें।
ये बारिश के दिन, यादें बुनते,
हर बूंद संग, अनगिनत कहानियां सुनते।