बारिश की बूँदें

बारिश की बूँदों में छुपा है एक संगीत,
धरती से मिलने को बेताब हरित गीत।
छतरी के नीचे खड़े होकर, देखता हूँ मैं मंजर,
हर बूँद में छुपा है, एक नया सवेरा।

पत्तों पर गिरती हुई, बनाती है मोती की शृंखला,
सड़कों पर नाचती, लाती है ठंडक का कंबला।
बच्चे जो खेलते हैं, बारिश में भीगते-भागते,
उनकी हंसी में गूँजती है, जीवन की सरलता।

बारिश के दिनों में, प्रकृति करती है कहानियाँ कहना,
हर बूँद संग लाती है, धरा के लिए नया वरदाना।
मन की बेचैनियों को भी, धो देती है यह बारिश,
बारिश की बूँदें, मानो हर दुःख का हैं उपचारिश।