बारिश ने छेड़ी है धुन सुहानी,
खिड़की से देखें दुनिया दिवानी।
बूंदों की टपकन बनी कविता,
धरती की खुशबू में बसा मिट्टा।
पत्तों पे नाचती है बूँदें ज्यों नर्तकी,
गलियों में बहता पानी, बना रहस्मयी ज्यों चित्रकारी।
चाय की चुस्की, और पकौड़ों की खुशबू,
बारिश के दिन हैं, मित्रों संग बिताने की खूबसूरत दास्तां।
जब आसमान से ज़मीन पर बिखर जाते हैं सपने,
बारिश बन जाती है, ख्वाहिशों की उड़ान कई मन।
हर बूँद में छुपा होता है, प्रकृति से प्यार का पैगाम,
बारिश के दिन, जैसे होते हैं, ज़िन्दगी के सफर का एक खूबसूरत नाम।