बचपन की अठखेलियां
यदा कदा फोन करती हैं मुझे
उन्हें क्या पता
कि मैने उस नम्बर का उपयोग छोड़ दिया है
फोन फिर भी आता रहा है
रोज़ आता है
इस बात का पता तब चला
जब मैने साढ़े छ: दशकों बाद
फिर उस फोन को साफ़ किया
वो धुंधला था पर था जीवित
बचपन की सभी काॅल्स
उस पर अंकित थीं
उनको सीढ़ी बनाकर
लौट रहा हूं मैं
मेरे बचपन की ओर . . .
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©yogamity
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