अब उसे मुझमें कुछ खास नहीं लगता
पास होके भी में उसे पास नहीं लगता
मेरी याद उसे काम के वक़्त आती है
बाकी वक़्त मेरा अहसास नहीं लगता
मेरे दर्द में अब वो मेरे साथ नहीं रहता
मुझे भी अपना होशओहवास नहीं लगता
जीता था उसके लिए अब तलक में यहां
अब यह जहा भी कुछ रास नहीं लगता
दीवाना सा हूं पागल कहते है शाहिद, पर
उस बेफिकरे को में अब बदहवास नहीं लगता
©shahidkhan
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