आशा की किरण जो बीजों में छुपी,
आंधियों में भी वो पंख फैला देती है।
हर सुबह, नई शुरुआत का संकेत,
मन में उम्मीद की नई रेखा बना देती है।
भविष्य, जिसे देख नहीं सकते, बस महसूस करते हैं,
आशा के चिराग से उसके रास्ते रोशन करते हैं।
हर कदम, जो आगे बढ़ता है, नए सपनों की ओर,
आशा ही तो है, जो अनिश्चितताओं में भी विश्वास भरता है।
तो चलो, आज फिर से आशा के दीये जलाएं,
भविष्य के उजालों में हम सपने सजाएं।
क्योंकि आशा ही तो है, जो हमें बताती है,
हर अंधेरे के बाद, नई सुबह आती है।