आशा की बाती जली है, अंधेरों में उजाला करती,
नयी सुबह का संचार है, भविष्य सजीव सपनों से भरती।
चलते रहो तुम निरंतर, कठिनाइयों का सामना करो,
आशा की किरण से भविष्य सुनहरा बुनो।
वक्त की आंधी में, आशाओं का दीपक मत बुझने देना,
नदी की तरह प्रवाहित रहो, पथरीले रास्तों में भी न थमना।
अंत में, सब तूफान से गुजर, नई शुरुआत में खिलेंगे,
जीवन की इस यात्रा में, आशा और भविष्य संग में मिलेंगे।