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चांद मेरी आंख का.......

चांद मेरी आंख का उजला मोती है।
वो आज भी नफरत के बीज बोती है।
वह कभी मुझे ठुकरा कर चली गई थी,
आज मेरी याद में पल-पल रोती है।।
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Durgesh Acharya
©kv_durgesh