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छोड़ दे ये कलम

अरे जिंदगी में एक बार तो
मुक्क्दर लिखता है तू
हमारा वो भी ढंग से नहीं लिखा
जाता तो छोड़ दे ये कलम
कोई और लिख देगा
तुझसे अच्छी TAKDEER हमारी
©msuryam