S

चिंगारी🔥🔥

मै नजरो नजरो में दमकती हूं
चुप्पी साधे जबान तो रूह रूह में बिलखती हूं ।
जमाना कमजोर समझता फब्तियां हम पर है कस्ता
मै अपनी मंजिल जानती हूं दुनिया तू देखना अपना रस्ता।
वह रे मेरे character par उंगली उठ गई
लडको से हस बोल लिए तो तेरी नजर में इज्जत मेरी लूट गई।
मै चुप रहती हूं अनदेखा तेरी दकियानूसी सोच को करती हूं
आज दिखा तू तुझे अपनी ताक़त या खयाल रखु उस पिरोए मर्यादा का यही ना समझती हूं ।
पहनूं अपने मन की तू कौन रोकने वाला
मेरे पहनावे पर टोकना बंद कर वरना फट जाएगा ये देवी का ज्वाला।
वह रे इंसाफी जमाना हद हो गया भैया
जालिम नज़रे उसकी थी और दोष मेरे कपड़ों पर गया ।
मेरी बातो को सुनके मेरा character ना आको
मुझे अशलील कहने से पहले अपने गिरेबान में झाको ।
क्या करोगी खेलके काम भी थोड़ा सीख लो
आ जाती सानिया दीपा इन बातो में तो आज वो भारत का चमकता सितारा ना होती उन अंधेरी रातो में।
बेटी है मार दो साली कर्जा करेगी भई
बेटा का जश्न मनाया और वो मां आज वृद्धाश्रम में दम तोड़ चली गई।
सड़क पर लड़की अकेले घूमे तो बेशरम उसको करार दिया
और लड़के सड़क पर दारू पीते तो कहते भागो मोहोले का डॉन आ गया ।
बच्ची नज़रे झुकाकर रहना सड़कों पर तहजीब से चलना
तूने तो बचपन में ही सीखा दिए समाज हमे था दब कर रहना।
मां बाप अगर बेटे को लड़की की इज्जत करना सिखाएं
तो भारत फिर सोने की चिड़िया होगी बदल जाएगी किस्मत की रेखाएं।

बोलू अगर मै जादा तो संस्कार पर मेरे आए आंच
टूट जाता है बेटी का सपना जैसे हो बस एक कांच।
शादी करलो बेटी कहकर पढ़ाई करवा दिए छोड़
ना जाने इस कारण कितने आईपीएस डॉक्टर का सपना दिए तोड़।😟☹️☹️☹️
बाहर ना जा जमाना है खराब
यह बात अगर लडको को व सुनाते
तो हम कवि बस लड़कियों के दर्द बयान करने नहीं आते
अपनी ग़ज़ल इन लडको पर भी आजमाते।💞😞
अब चुप्पी में दमकुंगी नहीं चिंगारी धधक चली
सोच खयाली बदल ले जमाना शेरनी पिंजरा तोड़ चली
चाल में रफ्तार लाए अब है चली नई गली।।😌😌😌🖤🖤🖤
©shreya.