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“देवी के नाम पर बंधन”💔😞

“देवी के नाम पर बंधन”💔😞
इस खूबसूरत वतन में,
ना जाने ये अंधेरा क्यों छा रहा है…
जहाँ रोशनी की बात होती है,
वहीं सच कहीं खो सा जा रहा है।
स्त्री को लक्ष्मी कहा गया,
धन देकर उसे विदा किया गया,
पर क्या कभी ये सोचा गया—
क्या उसे खुद पर भी हक़ दिया गया?
स्त्री को अन्नपूर्णा कहा गया,
घर का हर कोना सजाया गया,
सबकी थाली भरते-भरते,
क्यों अंत में वही भूखा रह गया?
स्त्री को सरस्वती कहा गया,
ज्ञान का रूप बताया गया,
पर उसके हाथों से ही,
क्यों शिक्षा का अधिकार छीन लिया गया?
स्त्री को देवी का दर्जा मिला,
मंदिरों में उसे सजाया गया,
पर हकीकत की इस दुनिया में,
उसे इंसान भी ना माना गया…
ये कैसी विडंबना है समाज की,
जहाँ शब्दों में सम्मान है,
पर हकीकत में हर मोड़ पर,
बस उसके सपनों का बलिदान है…💖