S skmahto hi 23 जुलाई 2025 $शायरी#$$ चाँदनी से भरे शहर को आज,हम शाम कहते हैं,गाँवों के आम्रकंञ्ज में बैठती है जो तितलियाँ,आज हम उसे आम कहते हैं !!©skmahto