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दूर हैं........।

माना हम दूर हैं....
फिलहाल थोड़े मजबूर हैं...
फासले भला कब तक रहेंगे.
ख़तम होगा ये दौर भी...
आखिर जिस्म से रूह का फासला महज़ मौत जितना दूर है।।
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©_simmi06