S skmahto hi 23 जुलाई 2025 दूरदूर मानवों के कदमों की निशान मिलेंगे! दूरदूर मानवों के कदमों की निशान मिलेंगे,जहाँ दर्द मिलेंगे वहाँ आम मिलेंगे!है इनके भी दास्ताँ बहुत निशाँ के,मगर हर निशाँ में बाँकी दर्द हीं दर्द मिलेंगे!!©skmahto