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एक दिन बैठे-बैठेinsta per message aya💞 उसके प्यार भरी बातों ने मेरा दिल…

एक दिन बैठे-बैठेinsta per message aya💞
उसके प्यार भरी बातों ने मेरा दिल लुभाया 💞
उसकी आदत ऐसी लगी कि रहना मुश्किल सा हो गया💞
यूं ही फिर धीरे-धीरे मुलाकातें बढ़ने लगी 💞
मैं उसकी धीरे-धीरे दीवानी होने लगी 💞
फिर करी मैंने अपने मां-बाप से बात उसके बारे में💔
लड़का है दूसरी कास्ट का यह बातें होने लगी💔
घरवालों में घर में बातें बनने लगी💔
मुझे जल्दी विदा करने की बातें चलने लगी 💔
कहने लगी की लड़की निकल गई है हाथ से 💔
अब इसे घर से निकाल देना ही अच्छा है 💔
फिर मेरी और उसकी मुलाकातें भी धीरे-धीरे कम होने लगी
वह खाने लगाऊं मुझे घर से भागने की💔
मैं भी उसकी बातों में आने लगी 💔
और मैं उसके साथ घर से भाग चली 💔
फिर समाज ने ताने दिए मेरे मां-बाप को💔
क्यों इतनी छूट दी थी लड़की जात को 💔
न सह सके मेरे मां-बाप ये कलंक 💔
छोड़ गए दुनिया उठा ले गए साथ में कलंक 💔
कुछ दिन हमारी जिंदगी भी अच्छी चली💔
उसने मां बाप कि कमी कभी भी मुझे नहीं खटकने दी💔 धीरे-धीरे मेरी और उसकी अनबन होने लगी💔
वह रहने लगा घर से बाहर रातों को 💔
फिर मैं उसे धीरे-धीरे खटकने लगी💔
धीरे-धीरे मुलाकातें ओरों से होने लगी 💔
वह रहता था औरों कि बाहों में रात रात भर 💔
मैं उसे घर से भागी हुई चरित्रहीन लड़की लगने लगा 💔
कई दिन उसने मुझे उल्हाने दिये 💔
कहने लगा जो लड़की अपने मां बाप की सगी ना हुई तो मेरी कैसे हो जाएगी 💔
उसने मुझे धक्के दे कर घर से निकाल दिया 💔
मैं फिर दर-दर भटकने लगी 💔
इतने में ही मेरी नींद खुल गई 💔
नजरों के सामने देख मेरे मां-बाप को मेरे दिल को सुकून मिला 💔
हां ये सच में एक सपना था रहे हमेशा ये सपना सपना ही कभी हकीकत में ना बदले 💞




एक दिन बैठे-बैठेinsta per message aya💞
 उसके प्यार भरी बातों ने मेरा दिल…