चलो एक कप चाय बनाते है...
तुम चीनी बनकर घुल जाना,
हम पत्ती बनकर रंग जमाते है,
प्यार हमरा बनेगा दूध,
जिंदगीभर उबल के लेआए कड़कपन की धूप,
उभरते भाप में पाए इश्क़ की सुगंध,
चलो पिलाते है अपनी मोहब्बत को यह चाय...
पीते ही बने हमरा प्रेम...
कड़क मीठा और खुशबूदार...
यह ही प्यार को हमरा समर्पण,
और...
हम दोनों के प्यारे संगत का दर्पण!!!
©hemantjsha
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