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एक लड़का

मेरी चिंता करता है!पर पास नही आता,
उसकी सांसो में में हूँ! पर बयां नही करता ।
छुपाए फिरता है अंधेरी गलियो में,
खोया रहता है एक पागल लड़की में।
साल बीत गये एक साथ बात करने में,
आंखें तरस गयी उन्ह आंखों से मिलने को।
मिलती हूँ में रोज उससे,
दिल भर जाता उसके सपनो से ।
टूट सी गयी हूँ में अकेले,
आओ हम दोनो साथ चले ।
बारह साल का प्रायश्चित कम नही है,
एक लड़के का अपने प्यार से दूर रहना कम नही है ।
शायद वो तो नही हारा में हार गयी ,
अब भी में उसके प्रेम की जोगन बन के रह गयी ।
सुरेंद्र सिंह "भाटी "
©jalamsingh