कल एक अलग ही एहसास जगा , कल पूरी रात किसी पराये क साथ रहा,
मुलाक़ात कुछ यु हुई,
कल बहार बैठा ही था की उसने अपने अने का आग़ाज दिया,
उसका स्वर इतना ऊंचा था की मै डर कर भी मुस्कुरा दिया,
मेरी मुस्कराहट देख शायद उसने भी मुस्कुरा दिया ,
और कुछ ही पल भर में उसने अपने आने का एह्साह जगा दिया।
मुझे तो लगा था वो अकेले ही होगी मगर ऐसा न था,
उसने अपने आने से पहले एक भीनी खुशबू का एहसास दिया,
पखियो के कोलाहल क साथ उसने बाकियो का भी आभास दिया।
तोड़ा जल्दी में था मै कही मगर उसने अपना स्पर्श देकर मझे ठाम सा लिया,
उसके छूटे ही ऐसा लगा जैसे किसी ने आते ही गले लगा लिया,
मेरे कुछ कहने से पहले ही उसने मझे अपना बना लिया।
कल एक अलग ही एहसास हुआ, पराये क साथ भी अपनों सा एहसास हुआ,
जान्ता तो उससे बचपन से ही था मगर कल कुछ खास हुआ,
ना चाहते हुए भी कल पूरी रात उसके ही साथ रहा l
नीन्द तो नहीं आई मगर कल सुकून की रात जगा ।
ऐसा दृश्य मैंने पहले भी देखा था मगर कल रात शायद कुछ खास ही हुआ।।।
©the_souls_identity (instgram)
Biru singh
©birusingh
B