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एक संदेश

ये हवा जो छू के निकली मानो कुछ कह रही है|
पेड पौधे मानो मारे खुशी के लहरा रहे है|
ये परिंदो का कलरव जैसे कोई खुशी मे गा रहे है|
लगा जैसै एक संदेश दे रहे है विदायी का ...
©kamalsingh