इन पक्षियों की तरह इस खुले आसमान में आजाद होकर यूही, उड़ना चाहती हू मैं, इन सबसे दूर अपनी एक अलग दुनिया बनाना चाहती हू मैं, जहाँ पर कोई किसी का सर झुकाने वाला ना हो, जहाँ पर कोई किसी को 4 बाते सिखाने वाला ना हो, जहाँ पर कोई हमपे बुरी नजर डालने वाला ना हो, बस एक ऐसी दुनिया जहाँ पर हम आजाद होकर अपना सर उठाकर इस खुले आसमान में उड़ सके ...!!!
©rudransha
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