फासले कटते गए
गांव अभी दूर है
फासले कटते गए
गांव अभी दूर है
चांद अभी निकला नहीं
मुझे पैदल चला दूर है
फासले कटे नहीं
गांव अभी दूर है
मकान का किराया नहीं
राशन का गुजारा नहीं
फासले कटे नहीं
गांव अभी दूर है
कितने दिन लगे मुझे
अभी मुझे पता नहीं
फासले कटे नहीं
गांव अभी दूर है
रास्ते बदलता रहा
नगर से महानगर तक
फासले कटे नहीं
गांव अभी दूर है
मां की गोद में बच्ची है
पिता के सिर पर बोझ है
फासले कटे नहीं
गांव अभी दूर है
खाया पिया कुछ नहीं
चलना अभी मुझे दूर है
मसले कटे नहीं
गांव अभी दूर है
मौत का मंजर है
यह प्यास का समंदर
फासले कटे नहीं
गांव अभी दूर है
कुछ खामोशियां रह गई
अनकहे रास्तों की राह में
फासले कटे नहीं
गांव अभी दूर है
बचपन की यादों ले चला
गलियों की यादें दूर है
©lawnishtha
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