रजिस्टर या कापी के पिछले पन्ने पर,
दो खड़ी, दो आड़ी लाइन और एक गोले से,
मेरी तस्वीर बनाई तो होगी,
सच बताना... फिर ये हरकत तुने मिटाई तो होगी?
...
किसी मुरत को जब देखती थी तू बुतखाने में,
मैं तेरा हो जाऊं कहकर,
चना चिरोंजी, खोपरा बुरा,
प्रसाद ये चढ़ाई तो होगी?
...
अब गलती से तेरे मैसेज जो मुझको आते हैं,
सही हैं तुझे याद न आया हूंगा,
नेटवर्क हैं, कनेक्वीटी मिलाना काम हैं उसका,
उसने भी आधार नम्बर से, लिंक मिलाई तो होगी।।
©manupandy
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