कितने गरीबों की सासे टूटी जा रही है ,
राशन पानी देने से पहले तस्वीर खींची जा रही है ,
भूख से वो न जाने कितनी हसरते ,दिल में दबा जाते हैं ,
वो अपने स्वाभिमान को तस्वीर में कैद करा जाते हैं ,
पानी के बुलबुले सी जिंदगी है गरीब की ,
कभी उनके हाथ को छू कर देखो वह अंदर से बिखर जाते हैं।।
हम सब ने गरीब का मजाक बना रखा है ,
तस्वीर खिंच कर उनका स्वाभिमान को गिरा रखा है ।।
©shayrishiv
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