उन्हें लगा हम उनके मुखरे पर फिसले है,
और वे अपने चेहरे पर गुमान करते हैं।
हम तो दिल के आशिक है,मोहब्बत बेइंतहा करते हैं।।
कुछ कहते आशिक़ी एहसास है,
हम इसे जुर्रत- ऐ- सज़ा कहते हैं।
और जब कोई पूछे उनके बारे में....
तो हम उन्हें यूं ही थोड़े ना 'बेवफा'कहते हैं...
~~ साहिल।
©sahilsing2
S