D diyadeepak hi 23 जुलाई 2025 ग़ज़ल तेरी इन आँखों की कस्तियों को,जूठा नहीं ठहराएंगेऔर तू मुझे मरने को कहेगी,तो हम मर नहीं पाएंगे...... _Durga(Diya)©diyadeepak