इस दिल में है एक बात,
जो लबों तक नहीं आती,
मिलता हमें जो तेरा साथ,
तो ज़िंदगी संवर जाती...
तेरी मोहब्बत की बरसात,
जो जमकर बरस जाती,
तो दिल की ये ज़मी,
शायद बंजर न कहलाती...
पाते हम जो तेरा प्यार,
तो तेरी यादें न सताती,
मेरे इस दिल का हाल,
नम पड़ी आँखें न बतातीं।
©ivanedwin
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