जब हवाएं मेरी जुल्फो के लट्टों को उड़ा जाती है,💁
मेरी मंदबुद्धि बस शर्मा जाती है।🤭🙈
जब चेहरे पर ये केश अटखेलियां है करने लगती,🙆♀️
मै तब सारे बुरे सपनों से उठकर एक नई सुबह में हूं जगती।🌄💖
जब हवा के झोंके इन जुल्फो के रुख को मोड़ देते है,👈
मेरी इन समेटी जुल्फो के बंधिसो को तोड़ देते है।
इन बालों का मेरे शर्माए चेहरे से छूकर गुजर आना💃
लगा ऐसा की दो प्रेमियों का आपस में मिल जाना।💐🥰
इन जुल्फो का मुझे यूं छेड जाना काफी है,🙃😌
दीवाने कहते है हमारे साथ ये नाइंसाफी है।
रोज खुले बाल छत पर इन आशिक़ हवाओं से ही तो मिलने आती हूं,
और इन हवाओं का मेरी जुल्फो को उड़ाने का अंदाज़ ~~हाए मै तर जाती हूं।😌💖
मै तो इस प्राकृतिक प्रक्रिया से ही सवर जाती हूं💆♀️💕
अन्धकार ग्रसित विचारो से निकलकर मै अलबेली दुनिया से गुजर जाती हूं।💃👩🏻
और किसी दिन इन हवाओं का ना लहराना☹️💔
अपने झोको से सुस्त हो जाना।😓🧚♀️
विरह वेदना मेरी बढ़ जाती जैसे मेरे साजन का ना आना🤭
अरे इन इंसानों से क्या दिल लगाते हो 🙅🤷♀बड़ा खूबसूरत है इन निर्जीव हवाओं से दिल लगाना🧚♀️❤️
अय हवा के झोंके तू अदृश्य है दिखता नहीं 👀
मगर गुमान है मुझे की तू सुंदर 🌞 चेहरे पर बिकता नहीं♥️❌
मगर हवा कभी पूरी नहीं हो पाएगी तुझ संग प्रीत की आस💔🥺
खुश हूं फिर भी की तेरा सानिध्य हर वक़्त हर पल होगा मेरे पास🥰♥️
अय हवा ये प्रेम कहानी किसी को बताना मत 🤐🤫है ये कुछ खास😉
दुनिया वालो को मेरे हवा संग मेरी प्रेम कहानी कहा आयेगी रास🙂❤️❤️
©shreya.
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