Here's a poem about friendship:

मित्रता

तुम मेरे साथ हो जब
जीवन रंगों से भर जाता है
कभी हंसी, कभी आंसू
हर पल साझा कर जाता है

शब्दों की कमी, भावों की बहुतायत
तुम समझ लेते हो मौन में
विश्वास की डोर है मजबूत
जुड़े हम एक अनोखे बंधन में

दुख में साथ, खुशी में संग
तुम हो मेरे जीवन का अंग
मित्रता है ये अनमोल धन
जो रिश्तों में भर दे नया चमन