Here's a poem about love and separation:

प्रेम की धारा

तुम्हारी याद, एक बहती नदी
छू जाती मन की हर कली

दूरियां बढ़ीं, पर प्रेम रहा अटल
हर पल तुम्हें महसूस करता मेरा दिल

बिखरे पल, संजोए सपने
तुम्हारी आँखों में मेरे जीवन के रंग थमे

विरह की पीड़ा, मीठा-कड़वा व्यथा
प्रेम की राह पर चलती अनंत कथा